मनुष्य की तरह समझदार जीव आखिर कौन सा है?, जाने यहाँ

आप सभी सोचते होंगे कि मनुष्य सबसे ज्यादा समझदार है और यह अटल सत्य है, लेकिन क्या दुनिया में ऐसा भी कोई जीव है जो मनुष्य के बाद समझदार जीव है आइए हम इन सवालों के जवाब ढूंढते हैं।

thinking man

आखिर ऐसा कौन सा जीव है जो मनुष्य के बाद सबसे ज्यादा समझदार है ?

काफी रिसर्च और काफी परिणाम देखने के बाद हमें जो परिणाम के रूप में मिला है, उससे साफ स्पष्ट होता है कि मानव के बाद जो सबसे समझदार जीव  डॉल्फिन है। चलिए दोस्तों में आपको डॉल्फिन के बारे में बताता हूं कि यह किस तरह मनुष्य के बाद सबसे समझदार जीव है ।

डॉल्फिन मुख्य रूप से भारत में पाए जाते हैं और यह मुख्य रूप से समुद्र और नदियों में रहता है। यह भारत  की मुख्य नदी गंगा में पाए जाते हैं जिसके कारण इन्हें भारत के राष्ट्रीय जलीय जीव भी कहते हैं।

जानिए डॉल्फिन के बारे में ?

डॉल्फिन को जो भी देखता है वह सामान्यतः इसे मछली ही कहता है, लेकिन डॉल्फिन मछली नहीं होती है, बल्कि वह एक स्तनधारी जीव है। आपने व्हेल को जरूर देखा होगा, जिस तरह व्हेल स्तनधारी जीव होता है, ठीक उस तरह से डॉल्फिन भी स्तनधारी जीव होता है ।

ganga dolphin

यह एक छोटे व्हेल के समान ही दिखाई देता है और यह मुख्य रूप से नदियों एवं समुद्र में ही रहता है, धरती पर इसका जीवन मुश्किल होता है। इसीलिए यह पानी में ही रहता है।

डॉल्फिन बहुत ही समझदार जीव होती है और यह पानी में कभी अकेला नहीं रहता है। हमेशा वह समूह में रहता है, उसके हर समूह में 10 से 12 डॉल्फिन होते हैं। जो आसानी से अपना शिकार ढूंढ पाते हैं। सामान्यतः डॉल्फिन अपने शिकार को कंपन के द्वारा ढूंढता है। जब डॉल्फिन कंपन करते हैं तो वही कंपन वापस उनके पास आता है। जब उनका कंपन किसी अन्य वस्तु या फिर उसके शिकार से टकराता है। तो वह कंपन वापस आता है, जिससे डॉल्फिन को पता चल जाता है कि उसका शिकार कितना बड़ा है या फिर छोटा है और इससे वह आसानी से शिकार कर लेते हैं।

भारत में डॉल्फिन आमतौर से गंगा नदी में पाए जाते हैं, जिसे हम गंगा डॉल्फिन भी कहते हैं। लेकिन अब भारत में इनकी संख्या बहुत ही कम हो गई है और यह विलुप्त होने के कगार पर है, गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है।

डॉल्फिन की खास बात और बता दूं आपको डॉल्फिन आपस में एक दूसरे से बात करने के लिए सीटी बजाते हैं या फिर आवाज निकालते हैं जो कि उनके संप्रेषण का माध्यम है, सामान्यता डॉल्फिन की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। जिससे कि वह पानी में अधिक तेजी से चल पाते हैं। पानी में वह 10 से 15 मिनट रह सकती है, इससे अधिक वह पानी में नहीं रह सकती क्योंकि उन्हें सांस लेने के लिए ऊपर आना पड़ता है। डॉल्फिन पानी में सांस नहीं ले पाती है, इसके कारण उन्हें पानी से ऊपर आना पड़ता है।

डॉल्फिन में मनुष्य के बाद एक समझदार जीव होने की सारी विशेषता है, इसीलिए इसे मनुष्य के बाद सबसे ज्यादा समझदार जीव कहा जाता है।

यदि आपको डॉल्फिन से संबंधित  कुछ भी सवाल पूछने हो या कुछ समझ में नहीं आ रहा हो तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं, हम आपके कमेंट का जवाब आपको जरूर देंगे।।

दोस्तों आज की पोस्ट आप लोगों को कैसी लगी आप हमें कमेंट में जरूर बताएं।

ऐसी ही जरुरी जानकारिओं के लिए हमारे Whats App ग्रुप से जुड़े।Whats App

इसी तरह हम आपके लिए रोज नए-नए अपडेट्स लेकर आते रहेंगे जिससे आप कई प्रकार की जानकारियां मिल सके। इसी के साथ आप हमारे साथ बने रहिए मिलते हैं अगली पोस्ट में।

ऐसी ही जरुरी जानकारिओं के लिए हमारे Telegram ग्रुप से जुड़े ।
telegram-button.

धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *